मंगलवार, 31 मार्च 2026

1 अप्रैल 2026 से देश में लागू हुए नए नियमअस्पताल, बीमा, बैंकिंग, टैक्स और डिजिटल लेन-देन में बड़े बदलाव, आम आदमी की जिंदगी पर सीधा असर



1 अप्रैल से देश में लागू हुए नए नियम
अस्पताल, बीमा, बैंकिंग, टैक्स और डिजिटल लेन-देन में बड़े बदलाव, आम आदमी की जिंदगी पर सीधा असर

✍️ गौरव सिंह संपादक आत्मगौरव.इन
नई दिल्ली : देश में 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही अस्पताल, बीमा, बैंकिंग, टैक्स, डिजिटल पेमेंट और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कई अहम नियम लागू हो गए हैं। सरकार और नियामक संस्थाओं ने इन बदलावों को पारदर्शिता, उपभोक्ता सुरक्षा और सिस्टम को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। हालांकि शुरुआती दिनों में लोगों को नई प्रक्रियाओं के अनुसार खुद को ढालना होगा।

🏥 अस्पतालों से जुड़े नए नियम


स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अब मरीजों के अधिकारों को और मजबूत किया गया है।
इलाज शुरू करने से पहले मरीज या परिजनों को अनुमानित खर्च की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।
अस्पतालों को इलाज, दवाइयों और जांच का स्पष्ट बिल देना होगा।
मरीजों के डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है।
बीमा धारकों के साथ भेदभाव और अनावश्यक देरी पर सख्ती बढ़ाई गई है।
इमरजेंसी इलाज में मरीज से पहले भुगतान की शर्तों को लेकर दिशानिर्देश और स्पष्ट किए गए हैं।

🛡️ बीमा नियमों में बड़े बदलाव


बीमा धारकों को राहत देने के उद्देश्य से कई नए प्रावधान लागू हुए हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम को समय पर निपटाना अब कंपनियों की जिम्मेदारी होगी।
क्लेम खारिज होने की स्थिति में लिखित और ठोस कारण बताना अनिवार्य किया गया है।
पॉलिसी लेते समय शर्तें, कवरेज और एक्सक्लूजन सरल भाषा में बताना जरूरी होगा।
कैशलेस इलाज की प्रक्रिया को और सुचारु बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
गलत जानकारी देकर पॉलिसी बेचने पर बीमा कंपनियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।


🏦 बैंकिंग नियमों में बदलाव


नए वित्तीय वर्ष के साथ बैंकिंग व्यवस्था में भी अहम बदलाव किए गए हैं।
डिजिटल लेन-देन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अतिरिक्त सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है।
निष्क्रिय बैंक खातों को लेकर केवाईसी अपडेट अनिवार्य कर दिया गया है।
एटीएम, चेक और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं से जुड़े शुल्कों में बदलाव किया गया है।
धोखाधड़ी रोकने के लिए संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर तत्काल अलर्ट सिस्टम को मजबूत किया गया है।
ग्राहकों की शिकायतों के निपटारे के लिए समय-सीमा तय की गई है।

💳 डिजिटल पेमेंट और साइबर सुरक्षा


ऑनलाइन फ्रॉड पर रोक लगाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।
ऑनलाइन भुगतान के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया जरूरी होगी।
बड़े ट्रांजैक्शन पर निगरानी बढ़ाई गई है।
साइबर ठगी की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


🧾 टैक्स और वित्तीय नियम


नया टैक्स वर्ष शुरू होने के साथ टैक्स फाइलिंग और रिपोर्टिंग से जुड़े नियमों में बदलाव हुए हैं।
करदाताओं के लिए प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है।
पेनाल्टी और नोटिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।
♻️ स्वच्छता और नागरिक नियम

घर से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटना अनिवार्य किया गया है।
स्थानीय निकायों को स्वच्छता व्यवस्था पर सख्ती से अमल करने के निर्देश दिए गए हैं।

📌 आम आदमी पर असर


इन सभी नियमों का सीधा असर मरीज, बीमाधारक, खाताधारक, नौकरीपेशा और व्यापारियों पर पड़ेगा। जहां एक ओर इलाज, बीमा और बैंकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी, वहीं लोगों को नई प्रक्रियाओं को समझने और अपनाने में थोड़ा समय लगेगा।
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सोमवार, 12 मई 2025

नशे में धुत ट्रैक्टर चालक ने बाइक सवार को रौंदा, ग्रामीणों ने पकड़ा भगोड़ा ड्राइवर



फतेहपुर के असोथर में मैकुवापुर गांव, सरकंडी के पास शनिवार शाम सात बजे नशे अनियंत्रित ट्रैक्टर ड्राइवर ने ओवरस्पीडिंग में बाइक सवार को जोरदार टक्टर मार दिया ,  बिना नंबर प्लेट के महिंद्रा 265 DI ट्रैक्टर, जो ओवरलोड मोरम लेकर नशे में धुत चालक द्वारा चलाया जा रहा था, ने मोटरसाइकिल सवार जय सिंह (पुत्र श्रीचंद्र) को जोरदार टक्कर मार दी। 
बाबू सिंह चौराहा से अपने घर लौट रहे जय सिंह की मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए, और बाइक सवार की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है।

*शराब के नशे में दौड़ रहें ट्रैक्टर और ट्रक ड्राइवर , टक्कर मार कर भाग रह रहे ड्राइवर को ग्रामीणों ने पकड़ा*

हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से भागने की फिराक में था, लेकिन सजग ग्रामीणों ने उसे दौड़कर पकड़ लिया। नाराज ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद ट्रैक्टर को कब्जे में लिया गया। 
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक शराब के नशे में था, जिसके चलते उसने ट्रैक्टर पर नियंत्रण खो दिया और यह भीषण हादसा हुआ।

*घायल जय सिंह की जिंदगी अधर में*

गंभीर रूप से घायल जय सिंह को तुरंत इलाज के लिए फतेहपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। 
इस हादसे ने सरकंडी क्षेत्र में दहशत और आक्रोश फैला दिया है।

*ग्रामीणों में गुस्सा, पुलिस से कार्रवाई की मांग*
हादसे के बाद सरकंडी और कठौता स्थानीय लोगों ने गैर जनपद बांदा जिले से मर्का खादर खंड 2 व खंड संख्या 4 से अनवरत ओवरलोड मौरंग भर कर बिना नंबर प्लेट और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। 
ग्रामीणों का आरोप है कि नशे में वाहन चलाने और नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

यह हादसा न केवल एक परिवार की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि क्या प्रशासन और असोथर की पुलिस अब जागेगी
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शुक्रवार, 20 जनवरी 2023

बिजली विभाग के संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण समस्याओं से जूझ रहे एक सैकड़ा से अधिक गांव

बिजली विभाग के संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण समस्याओं से जूझ रहे एक सैकड़ा से अधिक गांव



‘‘ एक महीने से ज्यादा समय नहीं तैनात असोथर जेई ,,

✍️ गौरव सिंह गौतम (संपादक आत्म गौरव न्यूज.com)

फतेहपुर - इन दिनों संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण असोथर क्षेत्र के एक सैकड़ा से अधिक गांवों के लोगों को आएं दिन बिजली की समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है , जहा एक ओर अगले माह से ही बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली है जिसके चलते बोर्ड परीक्षार्थियों को तैयारी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है , वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसान भाईयो को इस कड़ाके की ठंड में बिजली नहीं मिलने से गेंहू की फसल में सिंचाई करने में दिक्कत आ रही हैं .

शुक्रवार की शाम पांच बजे से खराब हुई हाईवोल्टेज ३३ हजार लाइन देर रात तक नहीं बन सकी जिससे क्षेत्र एक सैकड़ा से अधिक गांवों में अंधेरा पसरा रहा , वहीं  एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद असोथर स्थाई जेई नहीं आ पाए है नवम्बर २०२२ में असोथर उपकेंद्र के जेई राकेश कुमार यादव को बिजली विभाग (uppcl) द्वारा चलाए जा रहे नेवर पेड अभियान में लाफरवाही और कार्य में शिथिलता बरतने पर अधीक्षण अभियंता सैयद अब्बास रिजवी ने निलंबित करने के बाद जेई नीलेश मिश्रा को असोथर और जरौली का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था पर बदकिस्मती यह रही कि नवनियुक्त जेई नीलेश मिश्रा भी ज्यादा दिन नहीं रुक सके उन्हें १८ नवम्बर को निजी ट्यूबवेल से अवैध एलटी लाइन बनवाने में निलंबित कर दिया गया था इसके बाद से असोथर उपकेंद्र एसडीओ मोहम्मद जाहिद सिद्दकी की देख रेख में चल रहा था फिलहाल खागा प्रथम के जेई मुरारीलाल दुबे को असोथर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है ।

जिस पर जेई महोदय असोथर अब तक शायद ही कभी कभार आए हो तो यह बड़ी बात है .

वहीं जब खागा एक्स सी एन मेघ सिंह व  असोथर उपकेंद्र के एसडीओ मोहम्मद जाहिद सिद्दकी से इस सम्बन्ध में वार्तालाप की तो उन्होंने बताया कि ९ जनवरी से अब तक जारी संविदा कर्मियों की हड़ताल की वजह बिजली की अघोषित कटौती  व हाईवोल्टेज लाइन ब्रेकडाउन होने की समस्याओं  सामना करना पड़ रहा है , प्राइवेट लोगों द्वारा किसी प्रकार बिजली बनवा कर सप्लाई शुरू करने की कोशिश की जा रही है , 

असोथर उपकेंद्र के लिए नए जेई के लिए चिठ्ठी भेजी गई हैं अधीक्षण अभियंता अगर गंभीरता से समस्या देखेगे तो २१ जनवरी २०२३ से नए जेई नियुक्त किए जाएंगे ।

खबर लिखे जाने के देर रात तक असोथर उपकेंद्र के सभी छह फीडर नरैनी , जरौली , घरवासीपुर , थरियांव , गाजीपुर व असोथर टाउन समेत जरौली पंप नहर कैनाल के साथ - साथ सैकड़ों गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित रही ।

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रविवार, 22 अगस्त 2021

रक्षाबंधन विशेष - ऐसे भी बीजेपी जिलाध्यक्ष दिवंगत बूथ अध्यक्ष की पत्नी को माना अपनी बहन बंधवाई राखी

 भाजपा के दिवंगत झाऊपुर वार्ड बूथ अध्यक्ष के घर पहुंच जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा ने बंधवाई राखी



👉 रक्षा सूत्र बंधा हर संभव मदद का दिया भरोसा


👉 अचानक पहुंचे जिलाध्यक्ष को देख भावुक हुई दिवंगत की पत्नी सुमित्रा देवी

✍🏻 विकास त्रिवेदी (वरिष्ठ पत्रकार जनपद फतेहपुर)

फतेहपुर - कुछ माह पहले सदर विधानसभा के झाऊपुर वार्ड के बूथ अध्यक्ष स्वतंत्र लोधी का आकस्मिक निधन हो गया था रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा दिवंगत बूथ अध्यक्ष के आवास बिना किसी सूचना के पहुँच गए  जिलाध्यक्ष के गाँव पहुचते ही लोगो का तांता लग गया 

जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा ने बूथ अध्यक्ष की विधवा पत्नी सुमित्रा लोधी से कहा कि आप से राखी बंधवाने आया हूं, ये सुनकर बूथ अध्यक्ष की पत्नी आश्चर्य चकित होकर भावुक हो गयी और श्री मिश्रा को रक्षा सूत्र बांधते हुए मिष्ठान खिलाकर व आरती उतारकर ख़ुशी का इज़हार किया l मौके पर जो भी मौजूद रहा सभी की आँखे नम हो गयी और इस भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की शुरुआत पर जिलाध्यक्ष व सुमित्रा देवी को बधाई दी l

मौके पर उपस्थित लोगो का कहना रहा की भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र संस्कारो से संजोई गयी पार्टी है l भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जिसमे एक-एक कार्यकर्ता का मान-सम्मान बरकरार है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण आज का वाक्या है l

सुमित्रा देवी ने कहा कि पहला नेता देखी हूँ जो हम जैसे छोटे कार्यकर्तओं को भी इतना महत्व और स्नेह देते है l परिवार की तरह प्यार देते है l

ये माहौल देख कर वहाँ खड़े कई लोग भी 



भावुक हो गए और जिलाध्यक्ष की तारीफ करते रहे l जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा ने पूरे परिवार का हर संभव सहयोग देने का भी वादा किया l

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सोमवार, 20 मई 2019

आखिर क्‍या होता है Exit Poll, कैसे होता है तैयार, यहां जानिये हर बात...

AatmGauravNews.com


What happen the exit poll, how it is ready, know everything here ...

आखिर क्‍या होता है Exit Poll, कैसे होता है तैयार, यहां जानिये हर बात...

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के सातवें चरण और अंतिम चरण का मतदान हो रहा है. वोटिंग के खत्म होने के साथ ही एग्जिट पोल (Exit Poll 2019) के आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा. एग्जिट पोल पार्टियों की धड़कनों को बढ़ाएगा. कौन सी पार्टी को कितनी सीटें मिल रही है, विजयी रथ पर सवार कौन होगा ये भी एग्जिट पोल 2019 के जरिए साफ होता है. ऐसा नहीं है कि एग्जिट पोल हमेशा सही साबित होते हैं, ऐसे में ये जानना जरूरी है कि Exit Poll होता क्या है? 



क्या होते हैं एग्जिट पोल?



एग्जिट पोल (Exit Poll) एक सर्वे के माध्यम से सामना आता है. इस सर्वे के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि चुनाव परिणाम कैसे और किसके पक्ष में आ रहे हैं. जब मतदाता अपना वोट डालकर निकल रहा हो तब उससे पूछा जाए कि उसने किसे वोट दिया. इस आधार पर किए गए सर्वेक्षण से जो व्यापक नतीजे निकाले जाते हैं उन्हें ही एक्जिट पोल कहते हैं.



एग्जिट और पोस्ट पोल से सटीक आते है परिणाम



एग्जिट पोल (Exit Poll) को सटीक बनाने के लिए काफी फील्ड वर्क करना होता है. एजेंसी ये जानती हैं कि सिर्फ मतदान देकर बाहर आए मतदाताओं की राय मात्र से ही रिपोर्ट तैयार नहीं की जा सकती है. इसलिए एजेंसियां मतदान के तुरंत बाद मतदाता से राय जानकर मोटा-मोटा हिसाब लगा लेती है. मतदान के दो-चार दिन के बाद सटीक रिजल्ट्स के लिए पोस्ट पोल किया जाता है. इसके माध्यम से वोटर की राय जानने की कोशिश की जाती है. कहा जाता है कि पोस्ट पोल के परिणाम ज्यादा सटीक होते हैं. 

ऐसे सामने आते हैं आंकड़े


कोई भी पोल हो, उसके आंकड़े सर्वे के माध्यम से सामने आते हैं. इसके लिए सैंपलिंग भी की जाती है. सर्वे में आंकड़े हासिल करने के लिए फील्ड वर्क किया जाता है. इसकी सैंपलिंग के लिए चुनावी सर्वे करने वाली एजेंसी के लोग मतदाताओं से राय लेते हैं. कई बार यह डाटा बातचीत तो कई बार कोई फॉर्म भरवाकर हासिल किए जाते हैं. कई बार इंटरनेट के माध्यम से भी आंकड़े जुटाए जाते हैं. यह डाटा उम्र, आयु वर्ग, आय वर्ग, जाति, क्षेत्र आदि के आधार पर इकट्ठे किए जाते हैं. 

इन देशों से सामने आते हैं एग्जिट पोल


दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों का एग्जिट पोल को लेकर अलग-अलग मत है. बेल्जियम, डेनमार्क, जर्मनी और आयरलैंड जैसे देशों में एग्जिट पोल करने को खुली छूट है जबकि चीन, दक्षिण कोरिया और मैक्सिको में कुछ शर्तों के साथ एग्जिट पोल की इजाजत है.

#एग्जिटपोल2019
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