बुधवार, 1 अप्रैल 2026

बांदा में अवैध मौरंग खनन और ओवरलोडिंग पर प्रशासन का बड़ा प्रहार आधी रात में 23 वाहन सीज, 135 घन मीटर मोरंग जब्त 44 लाख के राजस्व नुकसान का खुलासा


 बांदा में अवैध मौरंग खनन और ओवरलोडिंग पर प्रशासन का बड़ा प्रहार
आधी रात में 23 वाहन सीज,  135 घन मीटर मोरंग जब्त  44 लाख के राजस्व नुकसान का खुलासा

बांदा : जनपद के बबेरू तहसील क्षेत्र में अवैध मोरंग खनन व ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा अभियान चलाया। 

मरका खादर खंड संख्या–3 में गठित संयुक्त टीम ने बीती रात छापेमारी कर 23 वाहनों को पकड़ लिया। 

इन वाहनों से कुल 135 घन मीटर अवैध मोरंग जब्त की गई।

वाणिज्य कर विभाग द्वारा की गई प्रारंभिक गणना में अवैध परिवहन से राज्य सरकार को लगभग 44 लाख रुपये के राजस्व नुकसान का आकलन किया गया है। 

यह कार्रवाई बांदा जिलाधिकारी जे. रीभा के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई।

संयुक्त टीम में सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टाक , एसडीएम सदर नमन मेहता, 

एसडीएम पैलानी अंकित सिंह, बांदा जिले के खान निरीक्षक गौरव गुप्ता तथा 

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्यामलाल शामिल रहे। 

सभी पकड़े गए ओवरलोड वाहनों को पुलिस अभिरक्षा में मरका थाने में खड़ा कराया गया है।

जिला खनिज अधिकारी राज रंजन ने बताया कि अवैध मोरंग खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से बांदा सदर से विशेष टीम गठित कर औचक जांच की गई थी। 

जांच के दौरान मरका खादर क्षेत्र में मोरंग का अवैध खनन व परिवहन सामने आया।

फिलहाल खदान संचालक के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। 

प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ आगे भी इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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मंगलवार, 31 मार्च 2026

1 अप्रैल 2026 से देश में लागू हुए नए नियमअस्पताल, बीमा, बैंकिंग, टैक्स और डिजिटल लेन-देन में बड़े बदलाव, आम आदमी की जिंदगी पर सीधा असर



1 अप्रैल से देश में लागू हुए नए नियम
अस्पताल, बीमा, बैंकिंग, टैक्स और डिजिटल लेन-देन में बड़े बदलाव, आम आदमी की जिंदगी पर सीधा असर

✍️ गौरव सिंह संपादक आत्मगौरव.इन
नई दिल्ली : देश में 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही अस्पताल, बीमा, बैंकिंग, टैक्स, डिजिटल पेमेंट और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कई अहम नियम लागू हो गए हैं। सरकार और नियामक संस्थाओं ने इन बदलावों को पारदर्शिता, उपभोक्ता सुरक्षा और सिस्टम को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। हालांकि शुरुआती दिनों में लोगों को नई प्रक्रियाओं के अनुसार खुद को ढालना होगा।

🏥 अस्पतालों से जुड़े नए नियम


स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अब मरीजों के अधिकारों को और मजबूत किया गया है।
इलाज शुरू करने से पहले मरीज या परिजनों को अनुमानित खर्च की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।
अस्पतालों को इलाज, दवाइयों और जांच का स्पष्ट बिल देना होगा।
मरीजों के डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है।
बीमा धारकों के साथ भेदभाव और अनावश्यक देरी पर सख्ती बढ़ाई गई है।
इमरजेंसी इलाज में मरीज से पहले भुगतान की शर्तों को लेकर दिशानिर्देश और स्पष्ट किए गए हैं।

🛡️ बीमा नियमों में बड़े बदलाव


बीमा धारकों को राहत देने के उद्देश्य से कई नए प्रावधान लागू हुए हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम को समय पर निपटाना अब कंपनियों की जिम्मेदारी होगी।
क्लेम खारिज होने की स्थिति में लिखित और ठोस कारण बताना अनिवार्य किया गया है।
पॉलिसी लेते समय शर्तें, कवरेज और एक्सक्लूजन सरल भाषा में बताना जरूरी होगा।
कैशलेस इलाज की प्रक्रिया को और सुचारु बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
गलत जानकारी देकर पॉलिसी बेचने पर बीमा कंपनियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।


🏦 बैंकिंग नियमों में बदलाव


नए वित्तीय वर्ष के साथ बैंकिंग व्यवस्था में भी अहम बदलाव किए गए हैं।
डिजिटल लेन-देन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अतिरिक्त सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है।
निष्क्रिय बैंक खातों को लेकर केवाईसी अपडेट अनिवार्य कर दिया गया है।
एटीएम, चेक और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं से जुड़े शुल्कों में बदलाव किया गया है।
धोखाधड़ी रोकने के लिए संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर तत्काल अलर्ट सिस्टम को मजबूत किया गया है।
ग्राहकों की शिकायतों के निपटारे के लिए समय-सीमा तय की गई है।

💳 डिजिटल पेमेंट और साइबर सुरक्षा


ऑनलाइन फ्रॉड पर रोक लगाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।
ऑनलाइन भुगतान के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया जरूरी होगी।
बड़े ट्रांजैक्शन पर निगरानी बढ़ाई गई है।
साइबर ठगी की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


🧾 टैक्स और वित्तीय नियम


नया टैक्स वर्ष शुरू होने के साथ टैक्स फाइलिंग और रिपोर्टिंग से जुड़े नियमों में बदलाव हुए हैं।
करदाताओं के लिए प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है।
पेनाल्टी और नोटिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।
♻️ स्वच्छता और नागरिक नियम

घर से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटना अनिवार्य किया गया है।
स्थानीय निकायों को स्वच्छता व्यवस्था पर सख्ती से अमल करने के निर्देश दिए गए हैं।

📌 आम आदमी पर असर


इन सभी नियमों का सीधा असर मरीज, बीमाधारक, खाताधारक, नौकरीपेशा और व्यापारियों पर पड़ेगा। जहां एक ओर इलाज, बीमा और बैंकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी, वहीं लोगों को नई प्रक्रियाओं को समझने और अपनाने में थोड़ा समय लगेगा।
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सोमवार, 12 मई 2025

नशे में धुत ट्रैक्टर चालक ने बाइक सवार को रौंदा, ग्रामीणों ने पकड़ा भगोड़ा ड्राइवर



फतेहपुर के असोथर में मैकुवापुर गांव, सरकंडी के पास शनिवार शाम सात बजे नशे अनियंत्रित ट्रैक्टर ड्राइवर ने ओवरस्पीडिंग में बाइक सवार को जोरदार टक्टर मार दिया ,  बिना नंबर प्लेट के महिंद्रा 265 DI ट्रैक्टर, जो ओवरलोड मोरम लेकर नशे में धुत चालक द्वारा चलाया जा रहा था, ने मोटरसाइकिल सवार जय सिंह (पुत्र श्रीचंद्र) को जोरदार टक्कर मार दी। 
बाबू सिंह चौराहा से अपने घर लौट रहे जय सिंह की मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए, और बाइक सवार की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है।

*शराब के नशे में दौड़ रहें ट्रैक्टर और ट्रक ड्राइवर , टक्कर मार कर भाग रह रहे ड्राइवर को ग्रामीणों ने पकड़ा*

हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से भागने की फिराक में था, लेकिन सजग ग्रामीणों ने उसे दौड़कर पकड़ लिया। नाराज ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद ट्रैक्टर को कब्जे में लिया गया। 
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक शराब के नशे में था, जिसके चलते उसने ट्रैक्टर पर नियंत्रण खो दिया और यह भीषण हादसा हुआ।

*घायल जय सिंह की जिंदगी अधर में*

गंभीर रूप से घायल जय सिंह को तुरंत इलाज के लिए फतेहपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। 
इस हादसे ने सरकंडी क्षेत्र में दहशत और आक्रोश फैला दिया है।

*ग्रामीणों में गुस्सा, पुलिस से कार्रवाई की मांग*
हादसे के बाद सरकंडी और कठौता स्थानीय लोगों ने गैर जनपद बांदा जिले से मर्का खादर खंड 2 व खंड संख्या 4 से अनवरत ओवरलोड मौरंग भर कर बिना नंबर प्लेट और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। 
ग्रामीणों का आरोप है कि नशे में वाहन चलाने और नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

यह हादसा न केवल एक परिवार की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि क्या प्रशासन और असोथर की पुलिस अब जागेगी
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शुक्रवार, 26 मई 2023

यूपी में अब राशन की दुकानों पर मिलेगा मिठाई व दूध पावडर सहित ये 39 प्रकार की विभिन्न वस्तुएं, विभाग ने जारी किया शासनादेश

"सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिठाई, साबुन, दूध पाउडर व बेबी केयर उत्पाद समेत रोजमर्रा के काम आने वाली कुल 39 प्रकार की अन्य वस्तुएं अब होंगी उपलब्ध"

आत्मगौरव न्यूज .com

उत्तर प्रदेश में अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिठाई, साबुन, दूध पाउडर व बेबी केयर उत्पाद समेत रोजमर्रा के काम आने वाली कुल 39 प्रकार की अन्य वस्तुएं उपलब्ध होंगी। 

इस संबंध खाद एवं रसद विभाग ने बिक्री वाली वस्तुओं की सूची जारी की है। यह वस्तुएं उन मुख्य मार्गों पर बनी राशन की दुकानों पर उपलब्ध होंगी जहां से भारी वाहनों का आवागमन हो सकेगा। 

इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग ने शासनादेश जारी किया है।इसमें कहा गया है कि इन वस्तुओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। विभाग एक उच्चस्तरीय समिति बनाएगा, जो इन वस्तुओं की मात्रा कम या ज्यादा करने के बारे में निर्णय लेगी। 

39 प्रकार की अन्य वस्तुएं में खासकर जनोपयोगी वस्तुएं जैसे दूध, दूध से बने उत्पाद, बिस्कट, ब्रेड, गुड, घी, नमकीन, सूखे मेवे

मिठाई पैक्ड, मसाले, दूध पाउडर, बच्चो के कपड़े, राजमा, सोयाबीन, क्रीम, धूपबत्ती, कंघी, दर्पण, झाडू, पोछा, ताला, छाता, रेनकोट, वाल हैंगर, टूथब्रश, डिटर्जेंट पाउडर, मच्छररोधी अगरबत्ती, बर्तन धोने वाला साबुन, इलेक्ट्रिक सामान, टार्च, दीवार घड़ी, माचिस, नायलान व जूट की रस्सी, प्लास्टिक पानी पाइप, प्लास्टिक बाल्टी मग व छलनी, मिठाई, साबुन,दूध पाउडर भी अब इन दुकानों में मिलेगा। वहीं समय समय पर इन वस्तुओं की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधी वस्तुएं हैंडवाश, बाथरूम क्लीनर, शेविंग किट, बेबी केयर, डायपर, साबुन, मसाज तेल व बाडी लोशन भी मिलेंगा, जबकि अभी राशन की दुकानों पर गेहूं, चावल, दाल, आटा, चीनी, खाद्य तेल, मिटटी का तेल, मोटा अनाज, नमक, साबुन, चाय, पेन कापी, ओआरएस घोल व सेनटरी नैपकीन आदि सामान मिलता हैं।

रिपोर्ट- लखनऊ डेस्क

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शुक्रवार, 20 जनवरी 2023

बिजली विभाग के संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण समस्याओं से जूझ रहे एक सैकड़ा से अधिक गांव

बिजली विभाग के संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण समस्याओं से जूझ रहे एक सैकड़ा से अधिक गांव



‘‘ एक महीने से ज्यादा समय नहीं तैनात असोथर जेई ,,

✍️ गौरव सिंह गौतम (संपादक आत्म गौरव न्यूज.com)

फतेहपुर - इन दिनों संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण असोथर क्षेत्र के एक सैकड़ा से अधिक गांवों के लोगों को आएं दिन बिजली की समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है , जहा एक ओर अगले माह से ही बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली है जिसके चलते बोर्ड परीक्षार्थियों को तैयारी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है , वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसान भाईयो को इस कड़ाके की ठंड में बिजली नहीं मिलने से गेंहू की फसल में सिंचाई करने में दिक्कत आ रही हैं .

शुक्रवार की शाम पांच बजे से खराब हुई हाईवोल्टेज ३३ हजार लाइन देर रात तक नहीं बन सकी जिससे क्षेत्र एक सैकड़ा से अधिक गांवों में अंधेरा पसरा रहा , वहीं  एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद असोथर स्थाई जेई नहीं आ पाए है नवम्बर २०२२ में असोथर उपकेंद्र के जेई राकेश कुमार यादव को बिजली विभाग (uppcl) द्वारा चलाए जा रहे नेवर पेड अभियान में लाफरवाही और कार्य में शिथिलता बरतने पर अधीक्षण अभियंता सैयद अब्बास रिजवी ने निलंबित करने के बाद जेई नीलेश मिश्रा को असोथर और जरौली का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था पर बदकिस्मती यह रही कि नवनियुक्त जेई नीलेश मिश्रा भी ज्यादा दिन नहीं रुक सके उन्हें १८ नवम्बर को निजी ट्यूबवेल से अवैध एलटी लाइन बनवाने में निलंबित कर दिया गया था इसके बाद से असोथर उपकेंद्र एसडीओ मोहम्मद जाहिद सिद्दकी की देख रेख में चल रहा था फिलहाल खागा प्रथम के जेई मुरारीलाल दुबे को असोथर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है ।

जिस पर जेई महोदय असोथर अब तक शायद ही कभी कभार आए हो तो यह बड़ी बात है .

वहीं जब खागा एक्स सी एन मेघ सिंह व  असोथर उपकेंद्र के एसडीओ मोहम्मद जाहिद सिद्दकी से इस सम्बन्ध में वार्तालाप की तो उन्होंने बताया कि ९ जनवरी से अब तक जारी संविदा कर्मियों की हड़ताल की वजह बिजली की अघोषित कटौती  व हाईवोल्टेज लाइन ब्रेकडाउन होने की समस्याओं  सामना करना पड़ रहा है , प्राइवेट लोगों द्वारा किसी प्रकार बिजली बनवा कर सप्लाई शुरू करने की कोशिश की जा रही है , 

असोथर उपकेंद्र के लिए नए जेई के लिए चिठ्ठी भेजी गई हैं अधीक्षण अभियंता अगर गंभीरता से समस्या देखेगे तो २१ जनवरी २०२३ से नए जेई नियुक्त किए जाएंगे ।

खबर लिखे जाने के देर रात तक असोथर उपकेंद्र के सभी छह फीडर नरैनी , जरौली , घरवासीपुर , थरियांव , गाजीपुर व असोथर टाउन समेत जरौली पंप नहर कैनाल के साथ - साथ सैकड़ों गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित रही ।

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रविवार, 22 अगस्त 2021

रक्षाबंधन विशेष - ऐसे भी बीजेपी जिलाध्यक्ष दिवंगत बूथ अध्यक्ष की पत्नी को माना अपनी बहन बंधवाई राखी

 भाजपा के दिवंगत झाऊपुर वार्ड बूथ अध्यक्ष के घर पहुंच जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा ने बंधवाई राखी



👉 रक्षा सूत्र बंधा हर संभव मदद का दिया भरोसा


👉 अचानक पहुंचे जिलाध्यक्ष को देख भावुक हुई दिवंगत की पत्नी सुमित्रा देवी

✍🏻 विकास त्रिवेदी (वरिष्ठ पत्रकार जनपद फतेहपुर)

फतेहपुर - कुछ माह पहले सदर विधानसभा के झाऊपुर वार्ड के बूथ अध्यक्ष स्वतंत्र लोधी का आकस्मिक निधन हो गया था रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा दिवंगत बूथ अध्यक्ष के आवास बिना किसी सूचना के पहुँच गए  जिलाध्यक्ष के गाँव पहुचते ही लोगो का तांता लग गया 

जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा ने बूथ अध्यक्ष की विधवा पत्नी सुमित्रा लोधी से कहा कि आप से राखी बंधवाने आया हूं, ये सुनकर बूथ अध्यक्ष की पत्नी आश्चर्य चकित होकर भावुक हो गयी और श्री मिश्रा को रक्षा सूत्र बांधते हुए मिष्ठान खिलाकर व आरती उतारकर ख़ुशी का इज़हार किया l मौके पर जो भी मौजूद रहा सभी की आँखे नम हो गयी और इस भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की शुरुआत पर जिलाध्यक्ष व सुमित्रा देवी को बधाई दी l

मौके पर उपस्थित लोगो का कहना रहा की भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र संस्कारो से संजोई गयी पार्टी है l भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जिसमे एक-एक कार्यकर्ता का मान-सम्मान बरकरार है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण आज का वाक्या है l

सुमित्रा देवी ने कहा कि पहला नेता देखी हूँ जो हम जैसे छोटे कार्यकर्तओं को भी इतना महत्व और स्नेह देते है l परिवार की तरह प्यार देते है l

ये माहौल देख कर वहाँ खड़े कई लोग भी 



भावुक हो गए और जिलाध्यक्ष की तारीफ करते रहे l जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा ने पूरे परिवार का हर संभव सहयोग देने का भी वादा किया l

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शनिवार, 30 जनवरी 2021

फतेहपुर : व्हाट्सएप ग्रुप ने बिछड़े बच्चे को मिलाया

 

बच्चें को परिजनों को सुपुर्द करतें थानाध्यक्ष असोथर

फतेहपुर / असोथर - वैसे तो आए दिन किसी ने किसी विवादास्पद कमेंट से सोशल मीडिया बदनाम होती रहती है लेकिन अगर उसका सही इस्तेमाल हो तो यह बिछड़ों को मिला देती है। 

कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला शनिवार को। 

एक मंदबुद्धि बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ गया। 

असोथर कस्बें की सड़कों पर रोता देखकर आसपास के दुकानदारों ने उसे पास बुला लिया, लेकिन मंदबुद्धि होने के कारण वह कुछ बता नहीं पा रहा था। 

काफी खोजबीन के बाद भी जब कुछ पता नहीं चल सका तो असोथर कस्बें के पत्रकार रिंकू आर्य ने उसकी फोटो एक न्यूज व्हाट्सएप के ग्रुप पर डाल दी। ग्रुप पर बच्चे की फोटो व डिटेल वायरल होते ही उसमें जुड़े लोग सक्रिय हो गए और आखिरकार करीब तीन घण्टे बाद बच्चे को उसके परिजन मिल गए।





बताया जाता है कि जनपद फतेहपुर के गाजीपुर निवासी अतुल कुमार जोशी का बच्चा अंश मंदबुद्धि हैं जो कि भटक कर असोथर कस्बें के बस स्टैंड पर आ गया था ।

रोते बिलखते बच्चे को देखकर आसपास के दुकानदारों ने बच्चे को पास बुलाकर नाम पता पूछना चाहा तो उन्हे पता चला की बच्चा मंदबुद्धि होने के कारण कुछ बता पानें में असमर्थ था । 

इसी दौरान असोथर कस्बा के दैनिक आज पत्रकार रिंकू आर्य ने बच्चे की फोटो व डिटेल आत्म गौरव न्यूज़. कॉम व्हाट्सएप ग्रुप में डाली व बच्चे को उसके परिजनों से मिलाने का सहयोग मांगा। 

फोटो ग्रुप पर वारयल हुई और  , इसी न्यूज ग्रुप में जुड़े गाजीपुर के राष्ट्रीय सहारा के पत्रकार अजय सिंह ने जब बच्चे की फोटो को देखा तो उन्होंने 

एक दूसरे के पास उसे भेजा तो जानकारी हुई कि यह बच्चा गाजीपुर कस्बे के अतुल कुमार जोशी जी का हैं , उन्होंने ने बच्चे के परिजनों को जानकारी दी ..

परिजनों को जानकारी होने पर वह रात्रि लगभग 8 बजे असोथर थाने आएं , जहां पर थानाध्यक्ष रणजीत बहादुर सिंह ने बच्चें को उसके परिजनों को सुपुर्द किया ।

बच्चे को परिजनों से मिलने के बाद सभी ने राहत की सांस लेते हुए पत्रकार अजय सिंह ने न्यूज़ ग्रुप में दूसरी पोस्ट डाली कि प्रयास सफल बच्चा परिजनों को मिल गया।



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गुरुवार, 23 अप्रैल 2020

फतेहपुर - रमजान में घर पर ही अदा करें पांचों वक्त का नमाज


रमजान में घर पर ही अदा करें पांचों वक्त का नमाज

फतेहपुर - असोथर कस्बें लॉकडाउन और आने वाले रमजान को लेकर असोथर थानाध्यक्ष हेमराज सरोज व असोथर क्षेत्र के कोरोना महामारी के प्रभारी गोविंद प्रसाद ने गुरुवार को कस्बे की मस्जिद सहित  मुस्लिम समाज के लोगों को कहा

कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इससे बचने के लिए आने वाले दिनों में पवित्र महीना रमजान आरंभ होने वाला है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया 
कि उनके द्वारा अन्य लोगों को समझाया कि लोग मस्जिदों में जमघट ना लगाएं और पाचों वक्त का नमाज घरों में ही अदा करें। 

थानाध्यक्ष हेमराज सरोज ने कस्बें में लोगों से  पुलिस प्रशासन सभी आप लोगों के साथ हैं। इस संकट की घड़ी में सहयोग करते रहें। लॉकडाउन उसका पालन करना होगा। बावजूद इसके अगर कोई नहीं मानता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बुधवार, 15 अप्रैल 2020

फतेहपुर - सूखे ताल-तलैया, पानी के लिए भटक रहे बेजुबान


फतेहपुर - सूखे ताल-तलैया, पानी के लिए भटक रहे बेजुबान


फतेहपुर : इस समय गर्मी चरम पर है। लोग कोरोना महामारी से तो परेशान हैं ही लॉकडाउन में 
गरम तेज हवाओं के थपेड़े आदमी तो क्या जानवरों तक को झुलसा रहा है, लेकिन इन बेजुबानों को प्यास बुझाने के लिए न तो तालाबों में पानी है और न ही नहरों, पोखरों में पानी बचा है। 
तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच जाने से पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है जिससे चहुंओर पानी का संकट खड़ा हो गया है। 
सबसे अधिक परेशानी जानवरों को हो रही है जिन्हें पीने तक को पानी नहीं मिल रहा है। 
आजकल बिन पानी सब सून वाली कहावत चरितार्थ होती दिख रही है। 

खासकर गांवों के हालात तो बहुत खराब हैं।

गांव के तालाब, पोखरे, गड्ढे सब सूखे पड़े हैं। 
पानी की एक बूंद भी तालाबों या पोखरों में दिखाई नहीं दे रही है। पानी के लिए व्याकुल जानवर पानी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। 

आलम यह है कि सिचाई विभाग की नहरें भी सूख चुकी हैं। 
ऐसे में ग्रामीणों को कुएं-पोखरे की याद सताने लगी है जिन्हें खुद उन्होंने बर्बाद कर डाला है। रही-सही कसर प्रशासन की तालाबों एवं पोखरों के प्रति उदासीनता ने खत्म कर दी। 

पानी की कमी से बिलबिलाते पशु-पक्षी अपनी परेशानी बताएं तो किससे। 
उनकी मजबूरी भी कोई समझने वाला नहीं है। 
असोथर क्षेत्र के ग्रामसभा सरकंडी , बेर्राव , कंधिया , बिलारीमउ , गोपलापुर मनावां आदि दर्जनों गांवों के तालाबों में पानी की एक बूंद भी नहीं बची है। 
तालाबों व नहरों से उड़ती धूल, सूखी वनस्पतियां स्वयं ही हालात को बयां कर रही हैं। 

चिलचिलाती धूप में जानवर पानी में नहाकर तरोताजा भी नहीं हो पा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी की कमी से जानवरों को भारी परेशानी हो रही है। 

हैंडपंपों का जलस्तर गिर रहा है। अधिकतर खराब हैं। 
जो सही भी हैं उनमें पानी कम रह गया है। 
कुछ समय चलाने के बाद पानी की एक बाल्टी भर पाती है। 
ऐसे में जानवरों के शरीर का तापमान कम नहीं किया जा सकता है। 
अत्यधिक गर्मी का असर दुधारू मवेशियों पर पड़ रहा है। 
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कारगर कदम उठाने की मांग की है। 

जरौली पम्प कैनाल बंद होने से जायद फसलें सूखने की कगार पर

सूखी असोथर की नहर

असोथर विकास खंड क्षेत्र के जरौली गांव के पास यमुना नदी में पंप कैनाल लगा है। 
इसमें सात पंपों से 400 क्यूसेक पानी निकालने वाली क्षमता की मशीनें लगी हुई हैं।
जिससे असोथर क्षेत्र के अलावा, विजयीपुर, धाता विकास खंड क्षेत्र के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं।
इसके बावजूद नहर से धूल का गुबार उठ रहा है। 
बता दें कि क्षेत्र की सिचाई व्यवस्था जरौली पंप कैनाल पर निर्भर है। परन्तु पूर्व में जरौली पंप कैनाल नहर के रास्तों पर पड़ने वाले पुल , नहर पटरी आदि के निर्माण के लिए पंप कैनाल को बंद किया गया था , पर इस समय कोरोना महामारी के चलते 3 मई तक लॉकडाउन के चलते सभी निर्माण कार्य बंद हैं , किसानों का कहना हैं , कि सिंचाई विभाग चाहें तो कैनाल के एक दो पंप ही फिलहाल शुरू कर दे जिससे किसानों सहित जानवरों पानी मिलने से  काफी राहत मिल जाएंगी ।
नहरों के भरोसे जायद की फसल मूंग , उड़द , व सब्जियों की खेती भिंडी , तरोई , खीरा , करेला आदि की खेती करने वाले किसान पानी के लिए व्याकुल हो रहे हैं। 
साथ ही प्रतिदिन नहर में पानी आने की बाट जोह रहे हैं।

विधातीपुर गांव निवासी किसान बिंदराज पासवान ने बताया कि नहर में पानी न आने से इस क्षेत्र के किसान मूंग , उड़द  की फसल में समय से पानी न लगा पाने के लिए विवश हैं। 
यह हम किसानों पर आघात जैसा है।
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