1 अप्रैल से देश में लागू हुए नए नियमअस्पताल, बीमा, बैंकिंग, टैक्स और डिजिटल लेन-देन में बड़े बदलाव, आम आदमी की जिंदगी पर सीधा असर✍️ गौरव सिंह संपादक आत्मगौरव.इननई दिल्ली : देश में 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही अस्पताल, बीमा, बैंकिंग, टैक्स, डिजिटल पेमेंट और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कई अहम नियम लागू हो गए हैं। सरकार और नियामक संस्थाओं ने इन बदलावों को पारदर्शिता, उपभोक्ता सुरक्षा और सिस्टम को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। हालांकि शुरुआती दिनों में लोगों को नई प्रक्रियाओं के अनुसार खुद को ढालना होगा।🏥 अस्पतालों से जुड़े नए नियम
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अब मरीजों के अधिकारों को और मजबूत किया गया है।इलाज शुरू करने से पहले मरीज या परिजनों को अनुमानित खर्च की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।अस्पतालों को इलाज, दवाइयों और जांच का स्पष्ट बिल देना होगा।मरीजों के डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है।बीमा धारकों के साथ भेदभाव और अनावश्यक देरी पर सख्ती बढ़ाई गई है।इमरजेंसी इलाज में मरीज से पहले भुगतान की शर्तों को लेकर दिशानिर्देश और स्पष्ट किए गए हैं।🛡️ बीमा नियमों में बड़े बदलाव
बीमा धारकों को राहत देने के उद्देश्य से कई नए प्रावधान लागू हुए हैं।हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम को समय पर निपटाना अब कंपनियों की जिम्मेदारी होगी।क्लेम खारिज होने की स्थिति में लिखित और ठोस कारण बताना अनिवार्य किया गया है।पॉलिसी लेते समय शर्तें, कवरेज और एक्सक्लूजन सरल भाषा में बताना जरूरी होगा।कैशलेस इलाज की प्रक्रिया को और सुचारु बनाने के निर्देश दिए गए हैं।गलत जानकारी देकर पॉलिसी बेचने पर बीमा कंपनियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
🏦 बैंकिंग नियमों में बदलावनए वित्तीय वर्ष के साथ बैंकिंग व्यवस्था में भी अहम बदलाव किए गए हैं।डिजिटल लेन-देन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अतिरिक्त सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है।निष्क्रिय बैंक खातों को लेकर केवाईसी अपडेट अनिवार्य कर दिया गया है।एटीएम, चेक और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं से जुड़े शुल्कों में बदलाव किया गया है।धोखाधड़ी रोकने के लिए संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर तत्काल अलर्ट सिस्टम को मजबूत किया गया है।ग्राहकों की शिकायतों के निपटारे के लिए समय-सीमा तय की गई है।💳 डिजिटल पेमेंट और साइबर सुरक्षा
ऑनलाइन फ्रॉड पर रोक लगाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।ऑनलाइन भुगतान के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया जरूरी होगी।बड़े ट्रांजैक्शन पर निगरानी बढ़ाई गई है।साइबर ठगी की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
🧾 टैक्स और वित्तीय नियमनया टैक्स वर्ष शुरू होने के साथ टैक्स फाइलिंग और रिपोर्टिंग से जुड़े नियमों में बदलाव हुए हैं।करदाताओं के लिए प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है।पेनाल्टी और नोटिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।♻️ स्वच्छता और नागरिक नियमघर से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटना अनिवार्य किया गया है।स्थानीय निकायों को स्वच्छता व्यवस्था पर सख्ती से अमल करने के निर्देश दिए गए हैं।📌 आम आदमी पर असर
इन सभी नियमों का सीधा असर मरीज, बीमाधारक, खाताधारक, नौकरीपेशा और व्यापारियों पर पड़ेगा। जहां एक ओर इलाज, बीमा और बैंकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी, वहीं लोगों को नई प्रक्रियाओं को समझने और अपनाने में थोड़ा समय लगेगा।
मंगलवार, 31 मार्च 2026
रविवार, 22 अगस्त 2021
रक्षाबंधन विशेष - ऐसे भी बीजेपी जिलाध्यक्ष दिवंगत बूथ अध्यक्ष की पत्नी को माना अपनी बहन बंधवाई राखी
भाजपा के दिवंगत झाऊपुर वार्ड बूथ अध्यक्ष के घर पहुंच जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा ने बंधवाई राखी
👉 रक्षा सूत्र बंधा हर संभव मदद का दिया भरोसा
👉 अचानक पहुंचे जिलाध्यक्ष को देख भावुक हुई दिवंगत की पत्नी सुमित्रा देवी
✍🏻 विकास त्रिवेदी (वरिष्ठ पत्रकार जनपद फतेहपुर)
फतेहपुर - कुछ माह पहले सदर विधानसभा के झाऊपुर वार्ड के बूथ अध्यक्ष स्वतंत्र लोधी का आकस्मिक निधन हो गया था रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा दिवंगत बूथ अध्यक्ष के आवास बिना किसी सूचना के पहुँच गए जिलाध्यक्ष के गाँव पहुचते ही लोगो का तांता लग गया
जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा ने बूथ अध्यक्ष की विधवा पत्नी सुमित्रा लोधी से कहा कि आप से राखी बंधवाने आया हूं, ये सुनकर बूथ अध्यक्ष की पत्नी आश्चर्य चकित होकर भावुक हो गयी और श्री मिश्रा को रक्षा सूत्र बांधते हुए मिष्ठान खिलाकर व आरती उतारकर ख़ुशी का इज़हार किया l मौके पर जो भी मौजूद रहा सभी की आँखे नम हो गयी और इस भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की शुरुआत पर जिलाध्यक्ष व सुमित्रा देवी को बधाई दी l
मौके पर उपस्थित लोगो का कहना रहा की भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र संस्कारो से संजोई गयी पार्टी है l भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जिसमे एक-एक कार्यकर्ता का मान-सम्मान बरकरार है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण आज का वाक्या है l
सुमित्रा देवी ने कहा कि पहला नेता देखी हूँ जो हम जैसे छोटे कार्यकर्तओं को भी इतना महत्व और स्नेह देते है l परिवार की तरह प्यार देते है l
ये माहौल देख कर वहाँ खड़े कई लोग भी
भावुक हो गए और जिलाध्यक्ष की तारीफ करते रहे l जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा ने पूरे परिवार का हर संभव सहयोग देने का भी वादा किया l
गुरुवार, 19 मार्च 2020
आखिर क्या हैं कोरोना वायरस या COVID 19 और इससे बचाव समझिये आसान भाषा में
आखिर क्या हैं कोरोना वायरस या COVID 19 और इससे बचाव समझिये आसान भाषा में
After all, what is Corona virus or COVID 19 and avoid it in easy language
आईये जानते हैं कोरोना वायरस के बारे में आसान सरल सही जानकारी
1. यह एक नया वायरस है और इसलिए इसके विरुद्ध लोगों में प्रतिरोधक क्षमता (immunity)नहीं है ।
2. एक संक्रमित व्यक्ति कम से कम 3 व्यक्तियों को संक्रमित करता है । यानि केवल 1 व्यक्ति कुछ हफ्तों और मात्र 15 चरणों (steps) में 15,000,000 यानि डेढ़ करोड़ लोगों को संक्रमित कर सकता है ।
3. हालाँकि, है तो सर्दी जुकाम जैसा ही, पर इसकी संक्रमण क्षमता बहुत अधिक है ।सौ में तीन संक्रमित लोग मर जाते हैं ( इटली में ज्यादा),और कोई प्रतिरोधक क्षमता नहीं है, कोई टीका (vaccine) भी नहीं है ।
4. छींकने खाँसने से करोणों की संख्या में वायरस बाहर निकल कर,हवा में फैलता है और हाथों में लगता है और सभी सामानों पर,दरवाजों कुण्डियों पर भी लग जाता है ।
5. जब कोई दूसरा व्यक्ति संपर्क में आता है, या संक्रमित सामान,दरवाजा,गेंद,लूडो इत्यादि को छूता है, तो उसे भी संक्रमण हो जाता है ।अब उससे बचने के लिए प्रतिरोधक क्षमता तो है नहीं, तो संक्रमण तो होना ही है ।
6. अब अगर आपकी जान संक्रमण से बच भी जाये, तो भी आप संक्रमण की एक तीव्र श्रृंखला (chain) तो शुरू कर ही देंगे- डेढ़ करोड़ लोगों को संक्रमित करने के लिए ।इसीलिए ऐसे लोगों को केवल 2 हफ्तों के लिए अलग थलग (quarantine) करने की जरूरत है ।
7. आपके द्वारा या बच्चों के द्वारा माता पिता दादा दादी,नाना नानी तक पहुंच जाएगा यह संक्रमण । उन्हें हृदय रोग,फेफङे के रोग, या डायबीटीज वगैरह पहले से ही हो सकता है । इसलिए कोरोना वायरस इंफेक्शन उनके लिए जानलेवा सिद्ध हो सकता है ।
8. जब ढेर सारे लोगों को इंफेक्शन हो जाएगा, तब इलाज़ के इंतेज़ाम (व्यवस्था arrangements) कम पङ जाएंगे और यह निर्णय लेना पङेगा कि किसका इलाज़ करें और किसे ऐसे ही छोङ दें । ऐसी नौबत ( स्थिति, stage) इटली में आ गयी है ।
इससे बचाव के लिए क्या करें
1. भीङभाङ वाली जगहों पर ना जाएं ।बहुत जरूरत पङने पर ही बाहर जाएं ।
2. बच्चों को खेलने कूदने के लिए बाहर न भेजें, और ना ही दूसरे बच्चों को घर बुलायें।
3. छोटी मोटी पार्टियां, पारिवारिक मिलन,गोष्ठी ना करें ।
4. हाथ को बार बार साबुन से अच्छी तरह से धोयें, लगभग 20 सेकंड तक, खासतौर से उंगलियों के बीच।कहीं बाहर से आयें तब तो जरूर ही धोयें ।
5. सर्दी खांसी या बुखार होने पर मुँह पर रूमाल रखें, घर से बाहर न निकलें ।घर के लोगों से भी दूर रहें ।डाॅक्टर को दिखायें ।
6. संक्रमित क्षेत्र से आने पर, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर तुरन्त जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करें, या किसी डाॅक्टर को बतायें ।ऐसे किसी व्यक्ति के बारे में जानने पर भी स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करें ।
7. आपका जिम्मेदार व्यवहार ही आपको,आपके परिवार को, समाज और देश को और पूरी दुनिया को इस महामारी से बचा सकता है ।
क्या ना करें
1. बहादुर न बने ,ना ही गैरजिम्मेदार और अवज्ञ।
2. ना डरें और ना ही अफवाह फैलायें।
3. सोशल मीडिया पर आ रही ऊलजलूल बातों पर ना तो ध्यान दें और ना ही आगे बढायें।
4. गोबर, गौमूत्र, यज्ञ,हवन,पूजा पाठ,तुलसी, मुलैठी,होमियोपैथी, आयुर्वेद, किसी भी चीज का कोई महत्व (role) नहीं है ।इन बेवकूफियों में ना पङें।
5. बेवजह मास्क न लगायें ।
अगर कहीं भीङ में जा रहे हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने की संभावना है तभी मास्क लगायें ।
लोगों ने इतने मास्क खरीद लिये हैं कि अस्पतालों के लिए मास्क कम पङ गये हैं ।
भारत सरकार ने अभूतपूर्व प्रयास किये हैं इस महामारी को रोकने के लिए, लेकिन वो सब नागरिकों के जिम्मेदार व्यवहार से ही सफल हो सकेंगे ।
सजग रहें और सुरक्षा की कोई कङी टूटने ना दें।
रविवार, 19 मई 2019
एग्जिट पोल 2019: नरेंद्र मोदी कर रहे सत्ता में धमाकेदार वापसी
सभी न्यूज चैनलों पर नई सरकार को लेकर एग्जिट पोल दिखाया जा रहा है। प्रमुख चैनलों के एग्जिट पोल में नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले एनडीए की सत्ता में धमाकेदार वापसी का अनुमान लगाया गया है। टाइम्स नाऊ/वीएमआर के मुताबिक, एनडीए को 306 सीटें मिलने की संभावना है। वहीं आजतक/एक्सिस माय इंडिया के शुरुआत आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र में क्लीन स्वीप के करीब है। उधर, रिपब्लिक/जन की बात ने एनडीए को 295 से 315 सीटें दी हैं। वहीं भाजपा को मिलने वाली सीटों का आंकड़ा 254 से 270 तक बताया गया है।
वहीं इंडिया टुडे-सिसरो के अपने एग्जिट पोल में एनडीए को 261 से 283 सीटें मिलने का दावा किया था।
साथ ही यूपीए को 110-120 सीटें और अन्य को 150 से 162 सीटें दी थीं।
सीएनएन-आईबीएन-सीएसडीएस ने एनडीए को 270 से 282, यूपीए को 92 से 102 और अन्य को 159 से 181 सीटें मिलने का अनुमान जताया था।
इंडिया टीवी-सी वोटर के एग्जिट पोल में एनडीए को 289 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था।
वहीं यूपीए को सिर्फ 100 व अन्य के खाते में 153 सीटें बताई थीं। हालांकि परिणाम कुछ और ही आए।
एनडीए ने 336, यूपीए ने 60 और अन्य ने 147 सीटों पर सफलता पाई।
सोमवार, 11 मार्च 2019
आचार संहिता लग गई, क्या होती है चुनाव आचार संहिता ..
अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकता है, उसे चुनाव लडऩे से रोका जा सकता है, उम्मीदवार के खिलाफ एफआइआर दर्ज हो सकती है और दोषी पाए जाने पर उसे जेल भी जाना पड़ सकता है।राज्यों में चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही वहां चुनाव आचार संहिता भी लागू हो जाती हैं।
मंत्री नहीं करेंगे कोई घोषणा
सामान्य नियम
- - कोई भी दल ऐसा काम न करे, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या घृणा फैले।
- - राजनीतिक दलों की आलोचना कार्यक्रम व नीतियों तक सीमित हो, न ही व्यक्तिगत।
- - धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।
- - मत पाने के लिए भ्रष्ट आचरण का उपयोग न करें। जैसे-रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना आदि।
- - किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार, अहाते या भूमि का उपयोग न करें।
- - किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें।
- - राजनीतिक दल ऐसी कोई भी अपील जारी नहीं करेंगे, जिससे किसी की धार्मिक या जातीय भावनाएं आहत होती हों। राजनीतिक सभाओं के लिए नियम
- - सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को दी जाए।
- - दल या अभ्यर्थी पहले ही सुनिश्चित कर लें कि जो स्थान उन्होंने चुना है, वहॉं निषेधाज्ञा तो लागू नहीं है।
- - सभा स्थल में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति पहले प्राप्त करें।
- - सभा के आयोजक विघ्न डालने वालों से निपटने के लिए पुलिस की सहायता करें। जुलूस के लिए संबंधी नियम
- - जुलूस का समय, शुरू होने का स्थान, मार्ग और समाप्ति का समय तय कर सूचना पुलिस को देनी होगी।
- - जुलूस का इंतजाम ऐसा हो, जिससे यातायात प्रभावित न हो।
- - राजनीतिक दलों का एक ही दिन, एक ही रास्ते से जुलूस निकालने का प्रस्ताव हो तो समय को लेकर पहले बात करनी होगी।
- - जुलूस सड़क के दायीं ओर से निकाला जाए।
- - जुलूस में ऐसी चीजों का प्रयोग न करें, जिनका दुरुपयोग उत्तेजना के क्षणों में हो सके।
मतदान के दिन के लिए नियम
- किसी भी अभ्यर्थी के निर्वाचन, मतदाता या गणना एजेंट नहीं बनेंगे।
- - मंत्री यदि दौरे के समय निजी आवास पर ठहरते हैं तो अधिकारी बुलाने पर भी वहॉं नहीं जाएंगे।
- - चुनाव कार्य से जाने वाले मंत्रियों के साथ नहीं जाएंगे।
- - जिनकी ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें छोड़कर सभा या अन्य राजनीतिक आयोजन में शामिल नहीं होंगे।
- - राजनीतिक दलों को सभा के लिए स्थान देते समय भेदभाव नहीं करेंगे।
- लाउडस्पीकर के प्रयोग पर प्रतिबंध चुनाव की घोषणा हो जाने से परिणामों की घोषणा तक सभाओं और वाहनों में लगने वाले लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं। इसके मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में सुबह 6 से रात 11 बजे तक और शहरी क्षेत्र में सुबह 6 से रात 10 बजे तक इनके उपयोग की अनुमति होगी।
ये काम नहीं करेंगे कोई भी मंत्री
- - शासकीय दौरा (अपवाद को छोड़कर)
- - विवेकाधीन निधि से अनुदान या स्वीकृति
- - परियोजना या योजना की आधारशिला
- - सड़क निर्माण या पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन अधिकारियों के लिए नियम
- - शासकीय सेवक किसी भी अभ्यर्थी के निर्वाचन, मतदाता या गणना एजेंट नहीं बनेंगे।
- - मंत्री यदि दौरे के समय निजी आवास पर ठहरते हैं तो अधिकारी बुलाने पर भी वहॉं नहीं जाएंगे।
- - चुनाव कार्य से जाने वाले मंत्रियों के साथ नहीं जाएंगे।
- - जिनकी ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें छोड़कर सभा या अन्य राजनीतिक आयोजन में शामिल नहीं होंगे।
- - राजनीतिक दलों को सभा के लिए स्थान देते समय भेदभाव नहीं करेंगे।
लाउडस्पीकर के प्रयोग पर प्रतिबंध
चुनाव की घोषणा हो जाने से परिणामों की घोषणा तक सभाओं और वाहनों में लगने वाले लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं।
इसके मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में सुबह 6 से रात 11 बजे तक और शहरी क्षेत्र में सुबह 6 से रात 10 बजे तक इनके उपयोग की अनुमति होगी।





